विनेश फोगाट पर डोप टेस्ट विवाद, दो साल तक बैन की आशंका
नई दिल्ली: स्टार पहलवान विनेश फोगाट को डोप टेस्ट चूकने पर नोटिस, खेल जगत में मची खलबली
भारत की दिग्गज महिला पहलवान विनेश फोगाट की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं क्योंकि इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने उन्हें डोप टेस्ट में शामिल न होने के कारण एक औपचारिक नोटिस थमाया है। यह मामला पिछले वर्ष 18 दिसंबर को हुए 'आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन' टेस्ट से जुड़ा है, जिसमें विनेश तय समय और स्थान पर उपलब्ध नहीं मिल सकी थीं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि 19 जनवरी को विनेश द्वारा दी गई सफाई की विस्तृत समीक्षा करने के बाद इस चूक को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है। हालांकि यह सीधे तौर पर डोपिंग नियमों का उल्लंघन नहीं है, लेकिन इसे खिलाड़ियों के लिए निर्धारित 'वेयरअबाउट्स क्लॉज' के तहत पहली गंभीर चेतावनी माना जा रहा है, जिससे आगामी प्रतियोगिताओं में उनके शामिल होने पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
हरियाणा विधानसभा सत्र और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते बिगड़ा शेड्यूल
विनेश फोगाट ने इस चूक के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट करते हुए बताया कि वह उस समय हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाग लेने के लिए बेंगलुरु से चंडीगढ़ की यात्रा कर रही थीं। इस सफर और नई व्यक्तिगत जिम्मेदारियों, विशेषकर हाल ही में मां बनने के कारण उनके दैनिक रूटीन में बड़ा बदलाव आया था। हालांकि आईटीए ने स्वीकार किया है कि विनेश ने टेस्टिंग अधिकारी के साथ फोन पर सहयोग किया और अपनी लोकेशन के बारे में जानकारी दी, लेकिन एजेंसी ने उनके तर्क को पूरी तरह पर्याप्त नहीं माना। विभाग का तर्क है कि एक पेशेवर एथलीट होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी थी कि वह अपनी लोकेशन में हुए किसी भी बदलाव को तय समय से पहले आधिकारिक मोबाइल ऐप या ईमेल के माध्यम से अपडेट करतीं।
एंटी-डोपिंग नियमों के कड़े प्रावधान और दो साल के प्रतिबंध का खतरा
विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के कड़े नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी 12 महीने की अवधि के भीतर तीन बार अपनी लोकेशन की जानकारी देने में विफल रहता है या टेस्ट के लिए अनुपलब्ध पाया जाता है, तो इसे नियमों का बड़ा उल्लंघन माना जाता है। इस तरह की लापरवाही के लिए खिलाड़ी पर दो साल तक का कड़ा प्रतिबंध लगाया जा सकता है, जो किसी भी एथलीट के करियर के लिए घातक साबित हो सकता है। विनेश के मामले में राहत की बात यह है कि पिछले एक साल में यह उनकी पहली आधिकारिक चूक दर्ज की गई है, परंतु भविष्य में किसी भी अन्य चूक से बचने के लिए उन्हें अब अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
प्रशासनिक समीक्षा के लिए मिला सात दिन का समय और आगे की कार्रवाई
इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने विनेश फोगाट को अपनी बात रखने के लिए सात दिनों का अंतिम समय दिया है, जिसके भीतर वे इस निर्णय के खिलाफ प्रशासनिक समीक्षा की मांग कर सकती हैं। यदि विनेश इस अवधि में यह साबित कर पाती हैं कि यह चूक उनकी व्यक्तिगत लापरवाही के कारण नहीं बल्कि किसी अपरिहार्य स्थिति की वजह से हुई थी, तो उनके रिकॉर्ड से इस शिकायत को हटाया जा सकता है। ऐसा न करने की स्थिति में यह फैसला अंतिम मान लिया जाएगा और उनके प्रोफाइल पर एक चूक के रूप में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ओलंपिक और अन्य बड़े आयोजनों के मद्देनजर विनेश के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है और उन्हें अपनी कानूनी टीम के साथ मिलकर इस नोटिस का ठोस जवाब देना होगा।
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